मसीहा तू प्यार का
छुई मुई सी तेरी हँसी है
आँखो में तेरे कशीश सी है
तेरी हर बात निराली है
तू लगता कोई करिश्मा है
रूठी हूँ तो पल में तू हँसाता है
प्यार का तू एक एहसास है
मेरी ख़ामोशी को छुपके से पढ़ता है
कुछ ना कहकर बहुत कुछ कहता है
यारा प्यार का तू #मसीहा है
#साजिदा

