किताबें

किताबें तो विचारों की धारा है ,

जिन में बहने से सुकून का किनारा मिलता है ।

औरों से बेहतर ये अपने साथी है ,

सुख -दुःख से परेह हमें ये ले जाती है ।

हर एक पन्ने में जो गहराई है ,

हमें डूब जाने को कहती है ।

जितना पढ़ते जाते है ,

समझ की इच्छा बढ़ती है ।

हर पन्ना एक पहेली है ,

पर किताब ही अपनी सच्ची सहेली है ।

साजिदा