‘किताब’
किताब तो विचारों की धारा है ,,
जिन में बहने से मिलता सुकून का किनारा है |
औरों से बेहतर ये अपने साथी है ,,
सुख-दुःख से परेह हमें ये ले जाती है |
हर लफ़्ज़ में छुपी गहराई है ,,
डूब जाने को हमें ये कहती है ।
कोई मोहब्बत तो कोई बेवफ़ाई का क़िस्सा लिखता है ,,
अजीब है लेकिन कहानी का ये भी हिस्सा लगता है ।
कहीं ख़ुशी तो कहीं ग़म का अफ़साना दिखता है ,,
अल्फ़ाज़ फिर भी हर हाल में मुस्कुराता दिखता है ।
किताब का हर पन्ना एक पहेली है ,,
लेकिन किताब ही हमारी सच्ची सहेली है ।
#साजिदा
#SajjShayeri
