ख़त आपका
ख़त जो मैंने आपका पढ़ा
ख़ुशी के आँसुओं का सैलाब हुआ
प्यार के पहले दो लफ़्ज़ों से ये हाल हुआ
पूरा ख़त अश्कों से बेहाल हुआ ,
आगे कुछ भी पढ़ ना पाए ,
प्यार की वो बातें अगर आप सुनाए तो समझ में आए ,
हमारे चेहरे का नूर और खिल जाए ,
आपके साथ का एहसास हो जाए ।
साजिदा

