कतरा-ए-शबनम से पत्तों पर बहार ,,,
सुबह की खिलखिलाती मुस्कान ,,,
सुरमई शाम संग नम पलकों में इंतज़ार ,,,
महकी फ़िज़ाओं में एहसास तुम्हारा ,,,
और यूँ ——
बारिश की बूँदे ले आयी ख़याल तुम्हारा ….!!!!
#साजिदा
@HindiPoemz


कतरा-ए-शबनम से पत्तों पर बहार ,,,
सुबह की खिलखिलाती मुस्कान ,,,
सुरमई शाम संग नम पलकों में इंतज़ार ,,,
महकी फ़िज़ाओं में एहसास तुम्हारा ,,,
और यूँ ——
बारिश की बूँदे ले आयी ख़याल तुम्हारा ….!!!!
#साजिदा
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