कर कोशिशकोसता है क्यूँ अपनी तक़दीर को ,बदलने की ताक़त रख अपने हाथों की लकीरों को ।स्वीकारता है क्यूँ तू वक्त से पहले ही हार को ,कोशिश करके सँवार दे खुदके मुक़द्दर को ।साजिदा
कर कोशिशकोसता है क्यूँ अपनी तक़दीर को ,
बदलने की ताक़त रख अपने हाथों की लकीरों को ।स्वीकारता है क्यूँ तू वक्त से पहले ही हार को ,
कोशिश करके सँवार दे खुदके मुक़द्दर को ।साजिदा