कर फ़िक्र माता-पिता की

तूफ़ान की क्षमता जैसे पहाड़ महसूस करता है 

समुंदर की गहराई को जैसे मचवारा जानता है 

सूरज की तपन को जैसे धरती महसूस करती है 

अपने बंदे की तकलीफ़ जैसे रब जानता है 

अपने बच्चों की पीढ़ा जैसे माँ_बाप जानते है 

वैसे ही माता-पिता का दर्द उनकी औलाद को जानना है 

साजिदा