कर दो इकरार
हर वक्त ख़ामोशी ठीक नहीं
बातें आपकी समझ में आती नहीं
साफ़ लफ़्ज़ों में कहते क्यूँ नहीं
आप हमारे बिना राह सकते नहीं
साजिदा


कर दो इकरार
हर वक्त ख़ामोशी ठीक नहीं
बातें आपकी समझ में आती नहीं
साफ़ लफ़्ज़ों में कहते क्यूँ नहीं
आप हमारे बिना राह सकते नहीं
साजिदा