जज़्बाख़्वाब ऐसे हो जिनको पंख लगे हो ।ख़्वाईशे ऐसी हो जो नींद खुलने पर भी नज़र में हो ।रास्ते ऐसे हो जिनको रोकने की कोई हिम्मत ना करे ।मंज़िल ऐसी हो जहाँ पर पहुँचते ही ख़्वाब पूरे होने का एहसास हो।साजिदा
जज़्बाख़्वाब ऐसे हो जिनको पंख लगे हो ।
ख़्वाईशे ऐसी हो जो नींद खुलने पर भी नज़र में हो ।रास्ते ऐसे हो जिनको रोकने की कोई हिम्मत ना करे ।
मंज़िल ऐसी हो जहाँ पर पहुँचते ही ख़्वाब पूरे होने का एहसास हो।साजिदा