इश्क़ 

मगरूर से लगते हो तुम हमारी मोहब्बत में 

नाज़ है हमें हमारे इस आशिक़ाना अन्दाज़ पे 

दिल का नज़राना किया जो हवाले आपके ,

हुए है हम उस पल से ही आपके 

साजिदा