हौसले है बुलंद तो, चट्टानो से क्या डरना।
दिल में है विश्वास तो, हार से क्या डरना।
उम्मीदें है मज़बूत तो, आँधी को है चिरना।
इरादे है नेक तो, मुश्किलों से है लड़ना।
चाहत है जितने की तो, पिछे नहीं है हटना।
कश्ती है अगर साथ तो, तूफ़ानो से क्या डरना।
पंख है अगर साथ तो, उड़ने से क्यू रुकना।
कलम है अगर हाथ में तो, लिखने से क्यों रुकना।

