हमसफ़र बना गए 

दिल में जो राज थे सारे खुल गए 

उनके जज़्बात बातों ही बातों में सामने  गए 

आँखों की वो हया सब कुछ बयाँ कर गए 

वो हमें अपना हमसफ़र बना गए 

साजिदा