हमारे जवान
आए जो ज़िंदगी में कोई भी तूफ़ान ,
हार नहीं मानते हमारे जवान ।
याद रखना ऐ हवा से पवन ,
धरती को मेरी हिला ना सके कोई भी चट्टान ।
गिराना चाहा जब भी किसिने मेहनत का मकान ,
बचाने के लिए सबने छोड़ी अपनी थकान ।
याद करो आज सबने अपना-अपना ईमान ,
आगे बढ़ो अपने जवानो की बनकर कमान ।
साजिदा
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