फ़िज़ाओं का इशारा
फ़िज़ाएँ आज रुख़ बदल रही है
वो तो बस अपनी ही धुन में झूम रही है
प्यार का झोंका लहरा रही है
मुस्कुराने की वजह दे रही है
शायद कोई इशारा दे रही है
बेवजह मुस्कुराना सिखा रही है
ख़्वाबों का जहाँ दिखा रही है
इश्क़ की ओर लिए जा रही है
साजिदा

