चंचल बूँदे
गिरती हुई वो बारिश की चंचल बूँदे
चुरा गयी है हमारी आँखों की नींदे
हम हँसकर खेल रहे थे साथ बूँदों के
चुपके से भीगा गयी वो हमारी पलखे
फिर से लायी वो झरोखे उन यादों के
साजिदा


चंचल बूँदे
गिरती हुई वो बारिश की चंचल बूँदे
चुरा गयी है हमारी आँखों की नींदे
हम हँसकर खेल रहे थे साथ बूँदों के
चुपके से भीगा गयी वो हमारी पलखे
फिर से लायी वो झरोखे उन यादों के
साजिदा