चंचल बूँदेगिरती हुई वो बारिश की चंचल बूँदेचुरा गयी है हमारी आँखों की नींदेहम हँसकर खेल रहे थे साथ बूँदों केचुपके से भीगा गयी वो हमारी पलखेफिर से लायी वो झरोखे उन यादों केसाजिदा