भूल नहीं सकते तुझे ..
आँखो से जब तेरी यादो का पहरा हटता है
हम फिर आँखोमे आसुओ को बुलाते है
दिल से जब दर्द का ज़ख्म कम होने लगता है
तुझे बेवफ़ा कहकर हम पुकारते है
तू ख़यालो से जब जाने की कोशिश करता है
बहाना करके तुझे यादो में फिर ले आते है
तेरी बेवफ़ाई जब वफ़ा पर भारी पड़ जाती है
तेरी बेपनाह मोहब्बत याद करके बेवफ़ाई ख़ारिज करते है
तेरी यादो का हर लम्हा ऐ बेवफ़ा हमे चुबता है
ना मालूम क्यूँ फिर भी तुझे खुदसे जुदा नहीं कर पाते है
#साजिदा

