बेचारा दिल
आपकी अदाएँ भा गयी दिल को
दिल ने चाहा हाले दिल बताना आपको
आपके इनकार का डर है शायद दिल को
दिल ने सोचा इझहारे मोहब्बत करे शाम को
जी रहा है दिल अब इस पल को
न जाने सजा रखे है दिल ने कितने ख़्वाबों को
दिल ने सोचा बिछाए उनकी राहों में फूलों को
ऐ दिल इंतज़ार की घड़ियाँ है अब ख़त्म होने को
बेताब दिल बेचैन निगाहों से टक रहा था उनकी राहों को
जुटा ही लिया दिल ने अपनी हिम्मत को
हाले दिल बयाँ कर दिया दिलबर को
इतने जतन करके मना ही लिया अपने महबूब को
साजिदा