समय दिखता नही स्वयं, पर दिखा सब जाता हैं। कभी खुशी तो कभी गम, सब बता जाता हैं हमे।। कौन हैं अपना कौन पराया, समय पर जता जाता हैं। स्वयं न दिखने वाला समय, सबकुछ समझा जाता हैं हमें।। हम ढूढ़ते हैं सही समय हमेशा, बिना बताए आ कर चला जाता हैं। हम पछताते हैं बीतने के बाद इसके, यूँ ही आगे बढाता जाता हैं हमे।। समय समय का खेल हैं भइया, रंक को राजा बना जाता हैं ये। राजा को रंक बनाने में भी, एक पल भी नही कतराता हैं।। सुन लो इस "अनजान" की बात, समय होता बहुत बलवान हैं। हर समय ये समय ही हैं, जो हमारी औक़ात बताता हैं हमे।।