जब तुम पास होते हो, दिल पता नही कहाँ होता हैं। जब तुम दूर होते हो, दिल सिर्फ तुम्हे ढूढता हैं।। जब तुम पास होते हो, कुछ कहने को समझ नही आता। जब तुम दूर होते हो, दिल तुमसे बात को तड़पता रहता हैं।। जब तुम पास होते हो, दिल खामोश हो जाता हैं। जब तुम दूर होते हो, तुमसे मिलने को दिल तड़प तड़प जाता हैं।। जब तुम पास होते हो, कुछ न होने पर भी अच्छा लगता हैं। जब तुम दूर होते हो, सब कुछ होकर भी सूनापन झलकता हैं।। जब तुम पास होते हो, आंखों में नींद भी नही होती है। जब तुम दूर होते हो, ख्वाबों में भी बस तुम छाए रहते हो।। तुम्हारे दूर और पास होने से, मेरा अर्थ बदलता हैं। सब कहते मैं पागल हूँ, क्या प्यार में ऐसा ही होता हैं।।