जो लौट कर घर आ ना सके,

अपनी नन्हीं सी जान के लिए,

एक बार फिर से जयघोष,

उस वीर जवान के लिए ।

मांग सुनी कर,

जो मिट गया हमारे आन के लिए,

एक बार फिर से जयघोष,

उस वीर जवान के लिए ।

अपनी माँ को छोड़ कर,

जो गया भारत माँ के सम्मान के लिए,

एक बार फिर से जयघोष,

उस वीर जवान के लिए ।


प्रीति सिंह