अपनेपन के हद से ही सही,

हाँ मैं गुजरना चाहती हूँ,

जैसा किसी ने ना किया हो,

वो इश्क़ करना चाहती हूँ।

वो लिवास बने मेरा,

और मैं उससे लिपटना चाहती हूँ,

अगर वो कफ़न भी हो तो,

बेख़ौफ़ उससे खुद को ढकना चाहती हूँ ।।


                 प्रीति सिंह