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गिर कर उठने का हुनर


गर्दिश में मैं, और कामयाबी में तू आज है,मत कर तू मुझपे अफ़सोस,

क्योंकि मुझमें अभी विश्वास है,गर गिरी भी , तो उठ खड़ी हो जाऊँगी,

क्योंकि गिर कर उठने का हुनर मुझे प्राप्त है ।।प्रीति सिंह

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