"दिए गए दानों का कर्ज़, कुछ इस कदर उतार रहा है,ऐ मनुष्य, तू देख,एक पक्षी तेरे जनाजे को कंधा लगा रहा है ।।प्रीति सिंह
"दिए गए दानों का कर्ज़, कुछ इस कदर उतार रहा है,ऐ मनुष्य, तू देख,एक पक्षी तेरे जनाजे को कंधा लगा रहा है ।।
प्रीति सिंह