प्रेम का यदि मैं,अल्फाजों में ढाल दूँ,अपने एहसासों पर मैं खुद ही क्यों लगाम दूँ।व्यक्त कर पाऊँ, प्रेम को अल्फाजों में,पहले इतनी शब्द शक्ति तो जुगाड़ लूँ ।।प्रीति सिंह