सरहद के रखवालों के लिए समर्पित -


गर्जन मेघ, वीर राग

कल - कल उदित स्वर

रचित मानव सृष्टि, पुष्प पराग

ढाल विराट, कर निधि, कमल तड़ाग।।

       हृदय अटल, मानस - द्वंद्व अपार

       भीषण - प्रचंड, दानव - दलन आग

       मुख - रक्त, निशान, युद्ध विराट

       कर मन - स्थिर, भेद लक्ष्य, संहार अरि नाश।।


@PoojaAuthor / पूजा इन्दोरिया शर्मा