पल्लव मन, पुलकित गातकिशोरी उमंग, हृदय उपवन।सुर्ख अधर, ज्यों प्रसून गुलाबी खिलतहृदय तरंग, पिया मिलन को तरसे नयन।
पल्लव मन, पुलकित गातकिशोरी उमंग, हृदय उपवन।
सुर्ख अधर, ज्यों प्रसून गुलाबी खिलतहृदय तरंग, पिया मिलन को तरसे नयन।