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सुर्ख अधर


पल्लव मन, पुलकित गातकिशोरी उमंग, हृदय उपवन।

सुर्ख अधर, ज्यों प्रसून गुलाबी खिलतहृदय तरंग, पिया मिलन को तरसे नयन।

— @PoojaAuthor
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