
एक बड़ा सा #शून्य,
और उसकी परिधि पर,
लाचार, चिंतित
चक्कर लगाता मैं।
सांसों की डोरी में,
मुश्किलों के बिंदुओं के संग
हताश, परेशान
जिंदगी से भागता मैं।
फिर कोई अचानक,
एक ठहराव,
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एक बड़ा सा #शून्य,
और उसकी परिधि पर,
लाचार, चिंतित
चक्कर लगाता मैं।
सांसों की डोरी में,
मुश्किलों के बिंदुओं के संग
हताश, परेशान
जिंदगी से भागता मैं।
फिर कोई अचानक,
एक ठहराव,
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