एक #अनकही कहानी,सूनी गलियों की जुबानी।ना कोई लड़की गुजरती,ना कोई औरत जानी पहचानी।हर तरफ दहशत का खौफ,सुना पुरखों की जुबानी।जिसने सुनाई कहानी,अन्तिम थी वो, शहर में नानी।Year #20140
एक #अनकही कहानी,सूनी गलियों की जुबानी।ना कोई लड़की गुजरती,ना कोई औरत जानी पहचानी।हर तरफ दहशत का खौफ,सुना पुरखों की जुबानी।जिसने सुनाई कहानी,अन्तिम थी वो, शहर में नानी।
Year #20140