चांद का सौंदर्य, धवल चांदनी से है।प्रेमिका का सौंदर्य, प्रेमी के प्रेम से है।धरती का सौंदर्य, प्रकृति से है।कविता का सौंदर्य,कवि-हृदय के भावों से है।पाठक का सौंदर्य, उसके विचारों से है।देश का सौंदर्य, वीरता और एकता में है।
चांद का सौंदर्य, धवल चांदनी से है।प्रेमिका का सौंदर्य, प्रेमी के प्रेम से है।
धरती का सौंदर्य, प्रकृति से है।कविता का सौंदर्य,कवि-हृदय के भावों से है।
पाठक का सौंदर्य, उसके विचारों से है।देश का सौंदर्य, वीरता और एकता में है।