#तुम_से ही,

दिल धड़कता है।

तुझ से ही,

प्रेम-राग बनता है।

तेरे हृदय में उमड़ता प्रेम,

मेरे साज श्रृंगार का,

आधार होता है।

प्रेम रूपी दिया,

विश्वास की बाती से जलता है।

तू सुर ताल के संग,

जीवन में सुंदर गीत रचता है।

मैं उन शब्दों में पिरोई,

मधुर सरगम बन जाती हूं।


@PoojaAuthor / पूजा इन्दोरिया शर्मा