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फब्तियां


वो कसती रही #फब्तियां,हम नैन लड़ाते रहे।

उसके लफ्ज़ों को,अपने गजलों में पिरोते रहे।

वक़्त का तकाज़ा ही ना रहा हमें,वो दुल्हन बनके हमसे रुख़सत हो गए।

— @PoojaAuthor / पूजा इन्दोरिया शर्मा
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