ओस की बूंदों की ताज़गी,

   गुलाब के फूल पर बिखरी,

   धवल चांदनी सी सुहानी,

   तेरे मेरे प्यार का प्रतीक बन,

   हृदय में प्रेम भाव तरंगित करती।

   मनमोहक छवि तेरी,

   मुझे मिलने को बैचैन करती।


@PoojaAuthor / पूजा इन्दोरिया शर्मा