#मुरली अधरों से लगा मनमोहनराधा तेरी, पुकारत, रात भर जागत।कमल - नयन चंचल ज्यों उज्जवल सी प्रभातश्याम सलोने मुख तेरे, मीठी सी मुस्कान।
#मुरली अधरों से लगा मनमोहनराधा तेरी, पुकारत, रात भर जागत।
कमल - नयन चंचल ज्यों उज्जवल सी प्रभातश्याम सलोने मुख तेरे, मीठी सी मुस्कान।