#मासूम सी मदिरा,

सुंदर से प्याले में,

खुद की फितरत पर,

जरा इतरकर,

मोहब्बत के नशे में चूर प्रेमी से बोली -

तू प्रेम में बर्बाद होता है,

मैं बर्बाद प्रेमी को शरण देती हूं।

प्रेमी भी बोला ठोक बजाकर,

तू किसी प्रेमी को भ्रमित कर, घर तोड़ती है।

प्रेम किसी का घर जोड़ती है।


@PoojaAuthor / पूजा इन्दोरिया शर्मा