#बावला सा मैंएक इशारे पर,बोल उठा,दिल खोलकर,ज्यों बरसे सावन।प्रियतमा को,इजहार कर,मोहब्बत का,झूम उठा लय ताल में,ज्यों कोई मनभावन।