अश्वत्थामा मारा गया

इति गज मन में कहा

सत्य धर्म रक्षा हेतु

झूठ भी आवश्यक था

जिस झूठ से हो भला

प्राणी धर्म समाज का

वो झूठ झूठ नहीं

द्योतक है इंसानियत का

पाप, बोलना झूठ है

पुण्य सच का रास्ता

झूठ मात्र तब हीं सही

उद्देश्य जब कल्याण का

झूठ फिर भी झूठ है

सच्चाई ईश्वर रूप है