कितना भी चाहाये पन्ना कोरा ही रहाहर शब्द मां के खातिरकुछ अधूरा ही रहा
कितना भी चाहाये पन्ना कोरा ही रहा
हर शब्द मां के खातिरकुछ अधूरा ही रहा