मेरे चरागाहों से यह कैसी नफरतमेरे पहाड़ से यह कैसी नफरतसरासर गुनाह है तुम्हारा यहमेरे वजूद को तबाह ना करो ।।।।
मेरे चरागाहों से यह कैसी नफरतमेरे पहाड़ से यह कैसी नफरत
सरासर गुनाह है तुम्हारा यह
मेरे वजूद को तबाह ना करो ।।।।