ब्रह्माण्ड की धूल से बनाई कायाघमंड मेरा कितना झूठा है ।।और मुझे खबर भी नहीवाह री मेरी धूर्त जात...
ब्रह्माण्ड की धूल से बनाई काया
घमंड मेरा कितना झूठा है ।।
और मुझे खबर भी नही
वाह री मेरी धूर्त जात...