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Khilwat


परिधान बदल लो, अब वो सामने नहीं हैनकाब चेहरे पे है, ज़मीर पे नहींवो सच ही बोलेगा

रूहदारी कल की बात थीआज खिलवत है, साथ रह कर भीआइना है जी, वो सच ही बोलेगा

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