शीन सुर्ख है, मजहब ने फिर से उबाल मारा हैहौ काफिर तौ डर लाज़िमी है ।।
शीन सुर्ख है, मजहब ने फिर से उबाल मारा है
हौ काफिर तौ डर लाज़िमी है ।।