रहते हो यहीं कहीं
हर रोज़ मिल भी लेते हो
कह देते हो जो दिल में है
और कभी कभी लब सिल भी लेते हो
हर शब् करते हो इंतज़ार मेरा
और फिर क्या कहना है भूल भी जाते हो
लगता है हमसफ़र हो मेरे
सब हो भी जाता , कुछ रह भी जाता है
रहते हो यहीं कहीं
अरे तुम वही तो नहीं, जो दिल में रहती है ।।।
