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हुनरमंद


मिले थे पहली दफा बारिश मेंयाद तो होगा , भीगे थे दोनो हम

तुम तो अब भी भीगे रहती होउन खुश्क अश्कों से जो कभी ज़ाहिर ही नहीं होते

बहुत हुनरमंद बन गयी हो तुम ।।।

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