Poetry 1 min read 605.5K reads

Alvida Pankaj


हर शह की उम्र मख़सूस हैफिर वह शाह हो के आम हो

तुम नयी राहों के मानिंद हो चुके दोस्तयह सफर भी ग़ज़ल हो जाये इस सफर मानिंद

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