अपनी धुन है, अपना राग है
अपने शब्द हैं, अपने अह्सास हैं
मैं अपने ही संगीत पर थिरकती हूँ अब
ऐ ज़िन्दगी
आ मेरी धुन में धुन मिला
क्यों खफा सी है तू ये तो बता
पर अब मैं आने वाली नहीं तेरी उलझनों में
खुद को सुलझा लिया है मैंने तेरी उलझनों से
ज़िन्दगी अब तू आ
मेरे साथ मेरे संगीत पर थिरक!
@Kalpana_Bharati


