गीत हो तुम, मीत हो तुम

साज हो तुम, आवाज हो तुम


दिल हो तुम, धड़कन हो तुम

रंग हो तुम, रूप हो तुम


दिन हो तुम, रात हो तुम

धूप हो तुम, छाव हो तुम


तुम हो तो ज़िन्दगी है,

तुम नहीं तो कुछ भी नहीं।


©️Kalpana Bharati ✍️