सुकून देती है कुछ शाम,
जब तुम साथ होते हो,
जब भी बैठती हूँ तेरे कन्धे पर सर रख,
पतंग सी हल्की महसूस करती हूँ,
इस दुनियाँ के शोर से दूर सिर्फ मैं और तुम,
जब भी डूब जाती हूँ तेरी आँखों में,
दिल करता है ठहर जाए ये पल,
कितना सुकून देती है कुछ शाम!
❤️ ❤️ ❤️ ❤️ ❤️
#कल्पना भारती


