खुद को परखो,


खुद को जानो,


खुद से करो प्यार,


खुद से भी करो बातें हज़ार,


क्योंकि


लोगों का क्या,


जिसकी जैसी सोच उसकी वैसी बातें!


#कल्पना भारती ✍️