#बादल क्या कहते हैं?
सुन लो कभी मेरी दास्तां,
सीख लो मुझसे ज़िंदगी के सलीके,
खुद को कभी हताश नहीं करना ग़मों के आगे,
दुनियाँ की बेवजह बातों को दिल से ना लगाना,
बड़े ही मतलबी हैं लोग इस जहाँ में,
अपने मतलब के लिए बस याद करते हैं,
जब तड़पते हैं गर्म हवाओं की लहर से,
ये मेरे आने की दुआएं मांगते हैं,
पर बरस जाऊँ मैं कभी बिन मौसम,
लोग मेरे जाने की दुआएं मांगते हैं,
फिर भी मैं मस्त मौला घूमता रहता हूँ आसमां में,
कभी छुपा दूँ सूरज को कभी बरस जाऊँ मैं,
अपने ही धुन में जीता रहता हूँ अपनी ज़िन्दगी,
क्योंकि बड़े ही मतलबी हैं लोग इस जहाँ में!
#कल्पना भारती ✍️


