कुछ स्त्रियों ने इस तरह प्रेम किया,

की वियोग के आख़िरी चार क्षणों में,

उनका प्रेम, उनकी आँखों के कोनो में रह गया,

अब जब भी उनकी आँखों से प्रकाश गुजरता है,

उनका अधूरा प्रेम, चंद्रमा सा चमकता है,

और अब, जो भी उनकी आँखों में देखता है,

वो नखसिख प्रकाशित हो उठता है,

विश्वास से, साहस से, प्रेम से…!!!